पटना.
बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीएम के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की अंतिम रूपरेखा सामने आ गई है। मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार (कल) दोपहर 2 बजे से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक दल की बैठक सीएम आवास पर बुलाई है। भाजपा ने 3 बजे विधायकों की बैठक बुलाई है, जहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विधायक दल के नेता यानी राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे। जेडीयू और भाजपा की बैठकों के बाद शाम 4 बजे विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें भाजपा विधायक दल के नेता को गठबंधन का नेता चुना जाएगा। नीतीश की जगह पर आगे राजपाट चलाने के लिए यही नेता सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन जाएगा या जाएगी।
बिहार में भाजपा के नेतृत्व में बन रही पहली एनडीए सरकार 15 अप्रैल को शपथ लेगी। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर आज एनडीए के नेताओं की बैठकों का दौर चल रहा है। जेडीयू के नेता संजय झा और ललन सिंह ने उनसे करीब 40 मिनट मुलाकात की। फिर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी पहुंचे थे। इस समय सरकार गठन की गतिविधियों का केंद्र नीतीश का सीएम आवास और सम्राट चौधरी का डिप्टी सीएम आवास बना हुआ है। भाजपा विधायक दल के नेता को सीएम बनना है, जिसके लिए पर्यवेक्षक बनाए गए शिवराज सिंह चौहान कल सुबह पटना पहुंचेंगे।
पांच महीने पहले विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पर्यवेक्षक बनाया गया था। अभी भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप-नेता विजय सिन्हा हैं। दोनों नेता नीतीश कैबिनेट में डिप्टी सीएम हैं, जिसकी आखिरी बैठक 14 अप्रैल को होगी। कैबिनेट बैठक के बाद गठबंधन के विधायक दल के नेता नीतीश त्यागपत्र देने राजभवन जाएंगे और अगली सरकार के गठन को औपचारिक रास्ता देंगे।
राजभवन से इस्तीफा देकर लौटने के बाद दोपहर 2 बजे नीतीश कुमार जदयू के विधायक दल की बैठक करेंगे, जिसका मौजूदा नेता रहने के कारण वो सीएम हैं। भाजपा के पास तो विकल्प है कि वो विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी या उप-नेता विजय कुमार सिन्हा को ना भी बदले, लेकिन जदयू के विधायकों को सांसद बन चुके नीतीश की जगह पर कोई नया नेता चुनना ही होगा, जो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हो।


