जयपुर
राजस्थान के200 फीट चौड़ी सड़कों वंदे मातरम रोड को पहले से कही ज्यादा अट्रेक्टिव और हाईटेक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने मानसरोवर क्षेत्र में स्थित शहर की सबसे चौड़ी और महत्वपूर्ण सड़कों में शुमार वंदे मातरम रोड को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। अगले 6 महीनों में ये सड़क न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और सुंदरता के नए पैमाने गढ़ेगी। ब्लैक स्पॉट्स होंगे खत्म, रोड सेफ्टी पर खास फोकस
सर्वेक्षण के बाद जेडीए ने इस सड़क के लिए एक नया मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्य फोकस उन स्थानों (ब्लैक स्पॉट्स) को सुधारने पर है जहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। पूरी सड़क का पुनर्निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार किया जाएगा।
जानिए क्या होने जा रहे हैं बड़े बदलाव
वंदे मातरम रोड को दिल्ली और अहमदाबाद की सड़कों की तर्ज पर तैयार इस प्रोजेक्ट में कई आधुनिक फीचर्स शामिल होने जा रहे हैं। मुख्य सड़क को 35-40 फीट और दोनों तरफ की सर्विस रोड को 20-25 फीट चौड़ा किया जाएगा। लेन सिस्टम को खास तौर पर डवलप किया जाएगा।
होगा स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार
यहां पानी, बिजली, गैस, सीवरेज और टेलीकॉम लाइनों के लिए अलग से अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर व्यवस्थित बस-वे और पार्किंग स्पेस बनाए जाएंगे। पैदल यात्रियों का ध्यान में रखते हुए फुटपाथों का विस्तार होगा और सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सौंदर्यीकरण करने के साथ ही चौराहों पर मूर्तियां भी स्थापित करेगा।
इन स्थानों पर होगी मूर्तियां स्थापित
वंदे मातरम रोड के प्रमुख चौराहे जैसे भारत माता, खरबस, वंदे मातरम, हयात और इस्कॉन सहित 6 प्रमुख चौराहों को आकर्षक मूर्तियों और स्मारकों से सजाया जाएगा। इसके अलावा यहां डिवाइडर और सड़क के किनारों पर सघन वृक्षारोपण कर ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी।
जानिए क्या होंगे बड़े फायदे
न्यू सांगानेर रोड से मुहाना मंडी के बीच के इस हिस्से से रोजाना लगभग 10,000 वाहन गुजरते हैं। इस कायाकल्प से यातायात सुगम होगा
मुहाना मंडी जाने वाले व्यापारियों, कृषकों व स्थानीय निवासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी।
सड़क हादसों में कमी आएगी
पहले से कही ज्यादा ये रोड सुंदर लगेगा
6 महीनों में बदलेगी तस्वीर
जेडीए अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अगले 6 महीनों में यातायात प्रवाह बेहतर होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में भारी कमी आएगी।
खुशेंद्र तिवारी


