रांची
झारखंड में जन्मजात हृदयरोग से ग्रसित बच्चों का मुफ्त उपचार किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत पीड़ित बच्चों को राज्य के बाहर भेजकर ख्यात अस्पतालों में मुफ्त सर्जरी करायी जाएगी। सर्जरी के बाद फॉलोअप भी किया जाएगा। बच्चों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीते फरवरी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने श्री सत्य साईं संजीवनी ट्रस्ट और अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के साथ एमओयू किया है।
दोनों संस्थानों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेवारी दी गयी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि 10 और 11 अप्रैल को सदर अस्पताल रांची में मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष शिविर में विशेषज्ञों द्वारा ईको व अन्य जांच के माध्यम से बच्चों के हृदय रोगों का परीक्षण किया जाएगा। जांच के उपरांत जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई जाएगी, उनका
निःशुल्क ऑपरेशन अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि में कराया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए राज्य स्तर पर आरबीएसके समन्यवक मुकेश कुमार (मोबाइल 7250364329) और अमृता हॉस्पिटल के प्रतिनिधि आदित्य कुमार (मो. 9162999702) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सर्जरी, फॉलोअप के साथ अभिभावक के आने-जाने की भी मुफ्त सुविधा
अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि द्वारा चयनित बच्चों को अमृता हॉस्पिटल में ले जाकर मुफ्त सर्जरी की जाएगी। फॉलोअप भी किया जाएगा। जबकि, श्री सत्यसाईं संजीवनी ट्रस्ट के द्वारा सर्जरी के लिए योग्य पाए गए बच्चों को ट्रस्ट द्वारा संचालित अहमदाबाद, गुजरात, पलबेल, दिल्ली, गोवा समेत पांच अस्पतालों में ले जाकर मुफ्त सर्जरी की जाएगी। बच्चों के साथ उनके अभिभाविकों को भी जाने-आने ठहरने आदि की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, ऑपरेशन के बाद बच्चों का फॉलोअप भी मुफ्त किया जाएगा। इसके लिए जमशेदपुर में ट्रस्ट के द्वारा एक केंद्र संचालित है।
3 से 4 माह के अंतराल में जिलों में होगी स्क्रीनिंग
एनएचएम के साथ किए गए एमओयू के तहत दोनों संस्थाओं को अलग-अलग जिलों का जिम्मेवारी सौंपी गयी है। श्री सत्य साईं संजीवनी ट्स्ट को जहां रांची, रामगढ़, धनबाद, बोकारो, चतरा, लातेहार, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह, सरायकेला एवं पूर्वी सिंहभूम की जिम्मेवारी सौंपी गयी है। वहीं, अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि को शेष जिले आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही रांची, जमशेदपुर, धनबाद व गिरिडीह में दोनों संस्थाओं के द्वारा कैंप लगाए जाएंगे। ये संस्थाएं 3-4 माह के अंतराल में अलग-अलग जिलों में स्क्रीनिंग कैंप लगागर बच्चों का चयन करेंगे।
अपील: पीड़ित नवजात की सूचना साझा करें
एनएचएम के आईईसी कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने आमजनों से अपील की है कि इस शिविर का लाभ लेने हेतु यथाशीघ्र अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सदर अस्पताल में संपर्क करें। उन्होंने नगर निकाय और नगर पंचायत के सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है कि अपने आस-पड़ोस में हृदय रोग से ग्रसित नवजात या बच्चों के अभिभावकों से इस शिविर की जानकारी साझा करें।


