पटना
पटना व्यवहार न्यायालय को शुक्रवार को गंभीर बम धमकी मिली, जिसके बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी ईमेल के माध्यम से न्यायालय के जज को भेजी गई। सूचना मिलने के तुरंत बाद पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गए। वहीं, कोर्ट परिसर को पूरी तरह खाली करवा दिया गया और सभी सुनवाईयां नई तारीख पर स्थगित कर दी गईं।
बम स्क्वॉड की टीम को भी बुलाया गया और न्यायालय परिसर में विस्तार से तलाशी अभियान चला। हालांकि, तलाशी के दौरान किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला। पटना पुलिस का कहना है कि धमकी किस ओर से और किसने भेजी, इसकी जांच की जा रही है। साइबर सेल और अन्य जांच टीमों की मदद भी ली जा रही है। पुलिस ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
धमकी ईमेल में कहा गया है कि बिहार से तमिलनाडु जाने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है। धमकी में बताया गया कि चार आरडीएक्स आईईडी न्यायाधीश के कक्ष और परिसर में स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही ईमेल में यह भी दावा किया गया कि यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से चलाया जा रहा है और बिहार श्रमिकों को चेन्नई भेजना बंद किया जाए। इस धमकी के बाद पटना व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस मामले की गहन जांच में लगी हुई है।
वहीं, पटना व्यवहार न्यायालय के वकील राजन सिंह ने बताया कि यह दूसरी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को बम धमकी मिली है। उन्होंने कहा कि पटना पुलिस से अपील है कि इस मामले को गंभीरता से लें और धमकी देने वाले को तुरंत गिरफ्तार करें। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली बार धमकी देने वाले की गिरफ्तारी हुई या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस बार धमकी मिलने के बाद कोर्ट में अफरातफरी मच गई और हम सभी फौरन अपने-अपने चैंबर से बाहर निकल आए। राजन सिंह ने कहा कि पटना पुलिस कोर्ट में कड़ी सुरक्षा मुहैया कराए।