भोपाल
घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी) के उपभोक्ताओं के लिए ई-केवायसी करवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद भी उपभोक्ता इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके चलते पेट्रोलियम कंपनियां सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है। जो उपभोक्ता ई-केवायसी नहीं करवा रहे हैं। उन्हें सिलेंडर मिलना मुश्किल हो जाएगा। वे अपने सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग नहीं करा पाएंगे।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया करीब एक साल से जारी है। गैस एजेंसियां ग्राहकों से ई-केवाइसी कराने के लिए लगातार सूचना वे मोबाइल पर मैसेज भेज रही है। इसके बाद भी उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। जिले में अभी भी 47 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने कनेक्शन की ई-केवायसी नहीं कराई है। जिले में करीब 37 गैस एजेसियां हैं। इन एजेंसियों से तीन लाख 69 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। इसमें से एक लाख 90 हजार ने ही केवायसी कराई है। अभी भी एक लाख 70 हजार उपभोक्ता शेष हैं।
उपभोक्ताओं को ये करना है….
केवाइसी कराने के लिए उपभोक्ताओं ने जिस गैस कंपनी का सिलेंडर ले रखा है, उन्हें उसकी एजेंसी पर आधार, गैस की डायरी और मोबाइल लेकर जाना होगा। वहां बायोमैट्रिक के जरिए ई-केवाईसी हो जाएगी। आधार व गैस उपभोक्ता नंबर जरूरी गैस एजेंसी संचालक अमित अग्रवाल ने बताया ग्राहकों के फिंगर प्रिंट स्कैनर और फेस आइडी से ई-केवाइसी किया जा रहा है। ई-केवाइसी के लिए आधार कार्ड और गैस का उपभोक्ता नंबर चाहिए। जिन उपभोक्ताओं के नाम से कनेक्शन है, उनका होना आवश्यक है।
इसके अलावा उपभोक्ता चाहे तो ऑनलाइन भी ई-केवाइसी करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। एलपीजी के हर ग्राहक को ई-केवाईसी करना जरूरी है। इसका मुख्य उद्देश्य सही उपभोक्ताओं की पहचान व उन्हें समय पर सिलेंडर मिले। किसी ने पता बदल लिया है तो वे उसमें बदलाव कर सकें। इसके लिए हमने सभी डीलरों को पाबंद कर दिया हैं। वे जल्द से जल्द ग्राहकों से इ-केवाइसी कराए। आने वाले दिनों में कंपनियां सख्त नियम लागू करने पर विचार कर रही है।- शुभम बिरला. सेल्स ऑफिसर, आईओसी
Tuesday, February 24
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