बिलासपुर (mediasaheb.com)। फार्मासिस्ट की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दवाएं फार्मासिस्ट ही देंगे। राज्य शासन की ओर से यह निर्देश सीएमएचओ को मिला है। वजह यह बताया गया है कि फार्मासिस्ट के नहीं होने से कई बार मरीजों को गलत दवा दे दी जाती है, जिससे उनका उपचार प्रभावित होता है तो कई बार इसके गंभीर परिणाम भी सामने आते हैं।
शासन की ओर से मिले आदेश में साफ किया गया है कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवा के वितरण की व्यवस्था फार्मासिस्ट के माध्यम से कराया जाए। अधिकांश सरकारी अस्पतालों में दवा का वितरण फार्मासिस्ट की देखरेख में नहीं किया जा रहा है। डॉक्टर तो दवा लिख देते हैं, लेकिन इसके बाद नर्स व कंपाउंडर मरीजों को दवा निकालकर देते हैं।
ऐसे में गलत दवा दे दिए जाने की आशंका को दरकिनार नहीं किया जा सकता। कई बार गलत व दूसरे फार्मूला की दवा दी जाती है, जिसके सेवन से कई बार मरीजों को गंभीर परिणाम झेलना पड़ता है। इसके अलावा कई बार स्टाफ को दवाओं की सही जानकारी नहीं होने से भी मरीजों को दवा नहीं दी जाती। ऐसे में बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है। वही अब मिले निर्देश के बाद जिले के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी
फार्मासिस्ट के 163 पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया
आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी चिकित्सा एवं होम्योपैथी के तहत फार्मासिस्ट ग्रेड-तीन के कुल 163 पदों में भर्ती होगी। यह पद रायपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर के लिए निकाले गए हैं। इसके लिए आवेदन माहांत तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं। इसके बाद व्यापमं चार नवंबर को भर्ती परीक्षा लेगा। फिर अन्य पदों के लिए फिर से आवेदन लिया जाएगा।
अब सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट की देखरेख में दवा का विरतण किया जाएगा। शासन की ओर से आदेश मिला है। इच्छुक अक्टूबर अंत तक आवेदन कर सकते हैं। इसमें व्यापमं की भर्ती परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाएगा।


